गीता जयंती महोत्सव पर शहर में लहराई पिताम्बरी पताका -शोभायात्रा एवं प्रवचन समारोह आयोजित
डेजर्ट टाईम्स न्यूज . चुरु। रविवार को गीता जयंती महोत्सव के दौरान आयोजित शोभायात्रा जब शहर के चैक चैराहों से होकर निकली तो एकबारगी शहर के रास्ते पिताम्बरी दिखने लगे।
गीता जयंती कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि महन्त श्रीनिवृत्तिनाथजी महाराज संग जनार्दनाचार्य एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष योगेश गौड़ ने किया। इस दौरान धर्म संघ गुरुकुल के ब्रह्मचारियों द्वारा वैदिक मन्त्रों से स्वस्तिवाचन किया। श्रीजनार्दनाचार्य महाराज द्वारा मंगलाचरण श्लोक वाचन के उपरान्त कार्यक्रम की भूमिका विस्तार से वर्णन किया।
इस दौरान गीता क्लास के संजय सिंघानिया शोभायात्रा के संयोजक मोहित सिंघानिया के नेतृत्व में गठित टीमों ने लोहिया खेल ग्राऊण्ड से प्रारंभ करके सुभाष चैक, सब्जी मंडी, सफेद घण्टाघर, भाईजी चैक, मोचीवाडा, गढ़ से मोजासिया चैक,राम मन्दिर, ऋषिकुल तक प्रसाद वितरण किया। व्यापारियों ने शोभायात्रा में सम्मिलित होकर पुष्पवर्षा द्वारा स्वागत किया।
गीता क्लास, आदर्श विद्या मंदिर, संस्कारशाला के विद्यार्थियों, सात प्रभात फेरियां संग रहीं
उनके साथ सन्त-आचार्यों के सानिध्य में ठीक 3 बजे शोभायात्रा प्रारम्भ होकर सुभाष चैक, सफेद घण्टाघर, गढ़ चैराहा,राम मन्दिर होते हुए ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम पर महन्त श्रीनिवृत्ति नाथजी महाराज कृष्ण के गीता उपदेश एवं प्रार्थना के साथ आयोजन के समापन की घोषणा अध्यक्ष योगेश गौड़ जी ने की।
यात्रा के दौरान जगह-जगह पर गीता जी की सजीव झांकी गीता झोंपड़ी एवं धर्म स्वरूप नन्दीबाबा का पुष्प वर्षा द्वारा स्वागत किया गया। सभी अतिथियों एवं भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा में चुरु शहर के अलग-अलग स्थानों से निकलने वाली प्रभात फेरियां भजन कीर्तन करते हुए सम्मिलित हुई। शोभायात्रा में 251 पिताम्बरी ध्वजों का रहा विशेष आकर्षण।
इस अवसर पर संत निवृत्तनाथ जी महाराज ने गीता वांग्मय पर विषद चर्चा करते हुए कहा कि गीता के बारे में कहा गया है कि इसमें जो लिखा है वो अन्यत्र लिखा मिल जाएगा परंतु जो इसमें नहीं है वो अन्यत्र मिलना असंभव है।

