अल-फलाह की ‘सीक्रेट’ पार्किंग फर्जी, डेजर्ट टाइम्स की खबर पर मुहर:ED ने कहा- मरे लोगों के फेक साइन कराकर जमीन तरबिया फाउंडेशन के नाम कराई
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी ने दिल्ली के मदनपुर खादर में अपनी ‘सीक्रेट’ पार्किंग की जमीन फर्जी दस्तावेजों की मदद से रजिस्ट्री कराई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को दैनिक भास्कर के खुलासे पर मुहर लगा दी है।
डेजर्ट टाइम्स ने 20 नवंबर को बताया था कि जवाद ने मरे हुए लोगों के फर्जी साइन कराकर खसरा नंबर 792 की जमीन तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के नाम करवाई गई थी। ED की जांच में पता चला है कि पहले जवाद के करीबी विनोद कुमार के नाम पर जमीन ट्रांसफर की गई, फिर फाउंडेशन को बेची गई।
हैरानी की बात यह है कि कई जमीन मालिकों की मौत साल 1972 और 1998 के बीच ही हो गई थी। इसके बावजूद, 2004 में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) में मरे हुए लोगों के साइन या अंगूठे के निशान लिए गए थे।

