मांजरेकर बोले- भारतीय बैटर्स NRI बनते जा रहे हैं:घरेलू पिचों पर खेलने का अनुभव कम; अफ्रीका के खिलाफ 2 बैटर फिफ्टी लगा सके

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भारतीय बल्लेबाजों की घरेलू पिच पर कमजोर तैयारी और विदेशी दौरों में ज्यादा खेलने की आदत पर तंज कसा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारतीय बैटर्स NRI होते जा रहे हैं।

मांजरेकर ने टीम इंडिया की खराब बैटिंग पर कहा- ‘फुटवर्क, डिफेंस और स्ट्राइक रोटेशन जैसी स्किल्स सुधारना जरूरी है। अगली टेस्ट सीरीज से पहले घरेलू मैचों पर ध्यान देना बेहद अहम होगा।’

दरअसल, साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय बैटिंग फेल रही है। टीम दो टेस्ट मैच में एक दफा 200 का आंकड़ा पार कर पाई है। इतना ही नहीं, टीम से सिर्फ दो बल्लेबाज फिफ्टी लगा सके हैं।

खराब बल्लेबाजी के कारण टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका ने 25 साल पर भारतीय सरजमीं पर क्लीन स्वीप कर दिया।

मांजरेकर ने कहा-

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भारतीय प्लेयर्स का घरेलू क्रिकेट में अनुभव सीमित हो गया है। टीम में चुने जाने के बाद वे घरेलू मैच और फर्स्ट क्लास क्रिकेट न के बराबर खेलते हैं। ज्यादातर समय वे विदेशी दौरों में रहते हैं। इससे उन्हें घरेलू पिचों और स्पिन गेंदबाजी के अनुभव की कमी हो जाती है।QuoteImage

मांजरेकर ने उदाहरण देते हुए कहा-

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यशस्वी जयसवाल, शुभमन गिल, केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी पिछले दो साल में ज्यादातर मैच विदेशों में खेलते रहे हैं। जबकि भारत में उन्हें उतनी मौके नहीं मिले।QuoteImage

मांजरेकर ने कहा- तैयारी की कमी के कारण बैटिंग फेल रही मांजरेकर का कहना है कि भारत की बैटिंग फेल होने का सबसे बड़ा कारण तैयारी की कमी है। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अच्छा खेलते हैं, लेकिन टीम में चुने जाने के बाद घरेलू मैच छोड़ देते हैं। यही वजह है कि जब वे भारत में खेलते हैं, तो पिच और परिस्थितियों से अनजान नजर आते हैं।